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प्रदोष व्रत

प्रत्येक पक्ष की त्रयोदशी

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परिचय

संध्याकाल में शिव-उपासना की परंपरा है। सप्ताह के वार के अनुसार सोम, भौम, शनि आदि प्रदोष नाम मिलते हैं।

परंपरा और आपका दिन

यह वार्षिक पर्व का परिचय है। अमांत-पूर्णिमांत मास-नाम, संप्रदाय और स्थानीय सूर्योदय के अनुसार तिथि-निर्णय में अंतर हो सकता है। अपने शहर के पंचांग में वर्तमान वर्ष की तिथि और पूजा-समय देखें।

परिवार की परंपरा के अनुसार कथा या स्तुति पढ़ें। बच्चों से पर्व का नाम, ऋतु और उसका भाव चर्चा में समझें। आज एक छोटा सेवा-संकल्प भी चुन सकते हैं।

अध्ययन / स्थान-संदर्भ ↗

New Delhi का वर्तमान पंचांग ↗

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