Baba Ka Sandeshप्रेम · सेवा · स्मरण

BABA KA SANDESH · LEARN & REMEMBER

प्रदोष व्रत: सात वार की कथा-परंपरा

पूरा पाठ पढ़ें, अपनी सुविधा से अक्षर बदलें और सुनते समय Pause या Stop करें।

0%0%

अध्याय 1

त्रयोदशी की संध्या से जुड़े शिव-स्मरण को प्रदोष की परंपरा में महत्व दिया जाता है। अलग वारों पर पड़ने वाले प्रदोष के साथ अलग कथाएँ कही जाती हैं। यह सातों कथाओं तक पहुँचने का परिचय है, कोई एक सर्वमान्य प्राचीन कथा का दावा नहीं।

अध्याय 2

शनिवार के आख्यान में आश्रय पाने वाला राजकुमार है, रविवार में निर्दोष युवक की मुक्ति और अन्य वारों में आग्रह, सलाह, परीक्षा तथा भूल सुधारने के प्रसंग आते हैं। सभी का शब्दशः पाठ एक जैसा नहीं है।

अध्याय 3

अपने परिवार की परंपरा समझकर संबंधित कथा चुनें। यहाँ हर उपलब्ध वार-कथा का अलग पन्ना है। पढ़ने के बाद सोचें कि उसके पात्र की कौन-सी भूल या संवेदना आपके व्यवहार को बेहतर समझने में मदद करती है।

अपने पाठ का संकल्प

पूरा पाठ पढ़ने के बाद खुद पुष्टि करें। यह केवल इसी browser में आपकी निजी गिनती है।

0 / 1

आज के पाठ के बाद

कुछ क्षण शांत बैठें। पाठ का एक भाव चुनें और सोचें कि उसे अपने आज के व्यवहार में कैसे लाएँ। यह वेबसाइट का मौलिक मनन-सुझाव है।

नाम स्मरण काउंटर खोलें ↗