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Vrat & Tyohar Sangrah

वार्षिक पर्व और तिथि-पक्ष के परिचय। वर्तमान वर्ष की दिनांक और पूजा-समय स्थानीय पंचांग से देखें।

व्रत-पर्व

महाशिवरात्रि

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी · उत्तर भारतीय पूर्णिमांत मान

शिव-स्मरण, रात्रि-जागरण और शिवलिंग-पूजन की परंपराओं का प्रमुख पर्व है। अलग क्षेत्रों में शिव-विवाह और अन्य आख्यान भी सुनाए जाते हैं।

व्रत-पर्व

गुड़ी पड़वा (उगादि)

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा

महाराष्ट्र का गुड़ी पड़वा और दक्कन का उगादि चांद्र नववर्ष की संबंधित क्षेत्रीय परंपराएँ हैं। गुड़ी, पंचांग-पठन और विशेष भोजन इनके अलग रूप हैं।

व्रत-पर्व

बुद्ध पूर्णिमा

वैशाख पूर्णिमा

बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं का स्मरण करने वाला प्रमुख बौद्ध पर्व है। करुणा, मैत्री और ध्यान इसके प्रमुख भाव हैं; इसे केवल हिंदू उपासना तक सीमित नहीं समझें।

व्रत-पर्व

वट पूर्णिमा व्रत

ज्येष्ठ पूर्णिमा

सावित्री-सत्यवान और वट-वृक्ष से जुड़ा पूर्णिमा का रूप महाराष्ट्र समेत कई क्षेत्रों में मनाया जाता है। इसे अमावस्या वाले वट सावित्री से अलग तिथि पर पहचानें।

व्रत-पर्व

दीपावली

कार्तिक अमावस्या · पूर्णिमांत मान

दीपोत्सव में लक्ष्मी-गणेश पूजन, दीप, परिवार और समुदाय का उत्सव मनाया जाता है। भारत की अलग धार्मिक व क्षेत्रीय परंपराएँ इसे अलग आख्यानों से जोड़ती हैं।

व्रत-पर्व

छठ पूजा

कार्तिक शुक्ल षष्ठी (संध्या अर्घ्य)

सूर्य और छठी मैया की उपासना में अस्ताचलगामी तथा उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। स्वच्छता, लोकगीत और घाट पर सामूहिक साधना इसकी पहचान हैं।

व्रत-पर्व

देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी)

कार्तिक शुक्ल एकादशी

प्रबोधिनी एकादशी विष्णु के जागरण और चातुर्मास के समापन की परंपरा से जुड़ी है। कई क्षेत्रों में इसी समय तुलसी विवाह का क्रम शुरू होता है।

व्रत-पर्व

दत्तात्रेय जयंती

मार्गशीर्ष पूर्णिमा

दत्तात्रेय के प्राकट्य का उत्सव विशेषकर महाराष्ट्र, कर्नाटक और दत्त-संप्रदायों में मनाया जाता है। गुरु-तत्त्व और प्रकृति से सीखने का भाव जुड़ा है।

व्रत-पर्व

जया एकादशी

माघ शुक्ल एकादशी

जया एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। माघ शुक्ल एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इसके माहात्म्य का अध्ययन करते समय कथा, मूल संदर्भ और परिवार की परंपरा को अलग पहचानें।

व्रत-पर्व

कामदा एकादशी

चैत्र शुक्ल एकादशी

कामदा एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। चैत्र शुक्ल एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इसके माहात्म्य का अध्ययन करते समय कथा, मूल संदर्भ और परिवार की परंपरा को अलग पहचानें।

व्रत-पर्व

वरुथिनी एकादशी

वैशाख कृष्ण एकादशी

वरुथिनी एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। वैशाख कृष्ण एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इसके माहात्म्य का अध्ययन करते समय कथा, मूल संदर्भ और परिवार की परंपरा को अलग पहचानें।

व्रत-पर्व

अपरा एकादशी

ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी

अपरा एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इसके माहात्म्य का अध्ययन करते समय कथा, मूल संदर्भ और परिवार की परंपरा को अलग पहचानें।

व्रत-पर्व

निर्जला एकादशी

ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी

निर्जला एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इस व्रत के नाम में निर्जल साधना का उल्लेख है; स्वास्थ्य के अनुरूप वैकल्पिक साधना और कथा-पाठ भी चुना जाता है।

व्रत-पर्व

योगिनी एकादशी

आषाढ़ कृष्ण एकादशी

योगिनी एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। आषाढ़ कृष्ण एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इसके माहात्म्य का अध्ययन करते समय कथा, मूल संदर्भ और परिवार की परंपरा को अलग पहचानें।

व्रत-पर्व

देवशयनी एकादशी

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

देवशयनी एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। आषाढ़ शुक्ल एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इससे चातुर्मास और विष्णु के योगनिद्रा-काल का परंपरागत आरंभ माना जाता है।

व्रत-पर्व

कामिका एकादशी

श्रावण कृष्ण एकादशी

कामिका एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। श्रावण कृष्ण एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इसके माहात्म्य का अध्ययन करते समय कथा, मूल संदर्भ और परिवार की परंपरा को अलग पहचानें।

व्रत-पर्व

श्रावण पुत्रदा एकादशी

श्रावण शुक्ल एकादशी

श्रावण पुत्रदा एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। श्रावण शुक्ल एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इसके माहात्म्य का अध्ययन करते समय कथा, मूल संदर्भ और परिवार की परंपरा को अलग पहचानें।

व्रत-पर्व

परिवर्तिनी एकादशी

भाद्रपद शुक्ल एकादशी

परिवर्तिनी एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। भाद्रपद शुक्ल एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। विष्णु के शयन में करवट बदलने के आख्यान से इसका नाम जुड़ा है।

व्रत-पर्व

उत्पन्ना एकादशी

मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी

उत्पन्ना एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इसके माहात्म्य का अध्ययन करते समय कथा, मूल संदर्भ और परिवार की परंपरा को अलग पहचानें।

व्रत-पर्व

मोक्षदा एकादशी

मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी

मोक्षदा एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इसी समय गीता जयंती की परंपरा भी आती है; कथा और गीता-अध्ययन एक साथ किया जा सकता है।

व्रत-पर्व

पद्मिनी एकादशी

अधिक मास की शुक्ल एकादशी

पद्मिनी एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। अधिक मास की शुक्ल एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इसके माहात्म्य का अध्ययन करते समय कथा, मूल संदर्भ और परिवार की परंपरा को अलग पहचानें।

व्रत-पर्व

परमा एकादशी

अधिक मास की कृष्ण एकादशी

परमा एकादशी विष्णु-उपासना से जुड़ी एकादशी है। अधिक मास की कृष्ण एकादशी इसका परंपरागत पक्ष-निर्देश है। इसके माहात्म्य का अध्ययन करते समय कथा, मूल संदर्भ और परिवार की परंपरा को अलग पहचानें।

व्रत-पर्व

वरलक्ष्मी व्रत

श्रावण पूर्णिमा से पहले का शुक्रवार · क्षेत्रीय मान

दक्षिण भारत में लक्ष्मी के मंगल-स्वरूप की उपासना की जाती है। कलश और परिवार की समृद्धि की प्रार्थना इसके प्रमुख भाव हैं।

थोड़ा पढ़ें, मनन करें।

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