परिचय
सप्तऋषियों और ज्ञान-परंपरा का स्मरण किया जाता है। कथा के ऐतिहासिक सामाजिक विचारों को आज की समान गरिमा और स्वास्थ्य-समझ से अलग पहचानें।
परंपरा और आपका दिन
यह वार्षिक पर्व का परिचय है। अमांत-पूर्णिमांत मास-नाम, संप्रदाय और स्थानीय सूर्योदय के अनुसार तिथि-निर्णय में अंतर हो सकता है। अपने शहर के पंचांग में वर्तमान वर्ष की तिथि और पूजा-समय देखें।
परिवार की परंपरा के अनुसार कथा या स्तुति पढ़ें। बच्चों से पर्व का नाम, ऋतु और उसका भाव चर्चा में समझें। आज एक छोटा सेवा-संकल्प भी चुन सकते हैं।