Baba Ka Sandeshप्रेम · सेवा · स्मरण

BABA KA SANDESH · LEARN & REMEMBER

शनिवार आरती

पूरा पाठ पढ़ें, अपनी सुविधा से अक्षर बदलें और सुनते समय Pause या Stop करें।

0%0%

जय शनि देवा, जय शनि देवा,जय जय जय शनि देवा।

अखिल सृष्टि में कोटि-कोटिजन करें तुम्हारी सेवा।

जय शनि देवा...॥

जा पर कुपित होउ तुम स्वामी,घोर कष्ट वह पावे।

धन वैभव और मान-कीर्ति,सब पलभर में मिट जावे।

राजा नल को लगी शनि दशा,राजपाट हर लेवा।

जय शनि देवा...॥

जा पर प्रसन्न होउ तुम स्वामी,सकल सिद्धि वह पावे।

तुम्हारी कृपा रहे तो,उसको जग में कौन सतावे।

ताँबा, तेल और तिल से जो,करें भक्तजन सेवा।

जय शनि देवा...॥

हर शनिवार तुम्हारी,जय-जय कार जगत में होवे।

कलियुग में शनिदेव महात्तम,दुःख दरिद्रता धोवे।

करू आरती भक्ति भाव सेभेंट चढ़ाऊं मेवा।

जय शनि देवा...॥

अपने पाठ का संकल्प

पूरा पाठ पढ़ने के बाद खुद पुष्टि करें। यह केवल इसी browser में आपकी निजी गिनती है।

0 / 1

आज के पाठ के बाद

कुछ क्षण शांत बैठें। पाठ का एक भाव चुनें और सोचें कि उसे अपने आज के व्यवहार में कैसे लाएँ। यह वेबसाइट का मौलिक मनन-सुझाव है।

नाम स्मरण काउंटर खोलें ↗