परिचय
श्रीशैलम में मल्लिकार्जुन शिव और भ्रमराम्बा देवी की संयुक्त तीर्थ-परंपरा है। कृष्णा नदी और नल्लमला क्षेत्र से इसका संबंध है।
यात्रा की तैयारी
दर्शन-व्यवस्था, प्रवेश, यात्रा-मार्ग और खुलने के दिन बदल सकते हैं। मंदिर-प्रशासन या स्थानीय पर्यटन विभाग की वर्तमान सूचना देखकर यात्रा की योजना बनाएं।
स्थानीय रीति, पूजा-विधान और परिसर के नियम समझें। यह इतिहास और उपासना का संक्षिप्त परिचय है; वर्तमान व्यवस्था के लिए नीचे का संदर्भ देखें।