Baba Ka Sandeshप्रेम · सेवा · स्मरण

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BABA KA SANDESH · LEARN & REMEMBER

श्री बृहस्पति देव आरती

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ॐ जय बृहस्पति देवा,जय बृहस्पति देवा।

छिन छिन भोग लगाऊँ,कदली फल मेवा॥

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

तुम पूर्ण परमात्मा,तुम अन्तर्यामी।

जगतपिता जगदीश्वर,तुम सबके स्वामी॥

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

चरणामृत निज निर्मल,सब पातक हर्ता।

सकल मनोरथ दायक,कृपा करो भर्ता॥

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

तन, मन, धन अर्पण कर,जो जन शरण पड़े।

प्रभु प्रकट तब होकर,आकर द्वार खड़े॥

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

दीनदयाल दयानिधि,भक्तन हितकारी।

पाप दोष सब हर्ता,भव बन्धन हारी॥

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

सकल मनोरथ दायक,सब संशय तारो।

विषय विकार मिटाओ,सन्तन सुखकारी॥

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

जो कोई आरती तेरीप्रेम सहित गावे।

जेष्टानन्द बन्द सो सो निश्चय पावे॥

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

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