
Brihaspati · नवग्रह · गुरु
प्रतीकात्मक चित्र
परिचय
बृहस्पति को देवगुरु और नवग्रह की एक उपासना के रूप में स्मरण किया जाता है। गुरुवार के व्रत-कथा और आरती से भी यह परंपरा जुड़ी है।
आज का मौलिक मनन
इस परिचय को पढ़कर उसका एक उपयोगी भाव आज के आचरण में उतारें।
छोटा अभ्यास
आज अपने व्यवहार में एक ऐसा काम चुनें जिसमें करुणा, संयम या जिम्मेदारी बढ़े।
ये मौलिक devotional reflections हैं; भविष्यवाणी या किसी देवता का उद्धरण नहीं।