परिचय
हुगली तट के दक्षिणेश्वर में भवतारिणी काली की उपासना होती है। रानी रासमणि और रामकृष्ण परमहंस के जीवन से यह तीर्थ जुड़ा है।
यात्रा की तैयारी
दर्शन-व्यवस्था, प्रवेश, यात्रा-मार्ग और खुलने के दिन बदल सकते हैं। मंदिर-प्रशासन या स्थानीय पर्यटन विभाग की वर्तमान सूचना देखकर यात्रा की योजना बनाएं।
स्थानीय रीति, पूजा-विधान और परिसर के नियम समझें। यह इतिहास और उपासना का संक्षिप्त परिचय है; वर्तमान व्यवस्था के लिए नीचे का संदर्भ देखें।