Baba Ka Sandeshप्रेम · सेवा · स्मरण

BABA KA SANDESH · LEARN & REMEMBER

आरती श्री सूर्य जी

पूरा पाठ पढ़ें, अपनी सुविधा से अक्षर बदलें और सुनते समय Pause या Stop करें।

0%0%

॥ आरती श्री सूर्य जी ॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

त्रिभुवन - तिमिर - निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

सप्त-अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी।

दुःखहारी, सुखकारी, मानस-मल-हारी॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

सुर - मुनि - भूसुर - वन्दित, विमल विभवशाली।

अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण माली॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

सकल - सुकर्म - प्रसविता, सविता शुभकारी।

विश्व-विलोचन मोचन, भव-बन्धन भारी॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

कमल-समूह विकासक, नाशक त्रय तापा।

सेवत साहज हरत अति मनसिज-संतापा॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

नेत्र-व्याधि हर सुरवर, भू-पीड़ा-हारी।

वृष्टि विमोचन संतत, परहित व्रतधारी॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

सूर्यदेव करुणाकर, अब करुणा कीजै।

हर अज्ञान-मोह सब, तत्त्वज्ञान दीजै॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

अपने पाठ का संकल्प

पूरा पाठ पढ़ने के बाद खुद पुष्टि करें। यह केवल इसी browser में आपकी निजी गिनती है।

0 / 1

आज के पाठ के बाद

कुछ क्षण शांत बैठें। पाठ का एक भाव चुनें और सोचें कि उसे अपने आज के व्यवहार में कैसे लाएँ। यह वेबसाइट का मौलिक मनन-सुझाव है।

नाम स्मरण काउंटर खोलें ↗