अध्याय 1
स्यमंतक मणि को लेकर प्रसेन के लापता होने पर कृष्ण पर आरोप लग जाता है। वे अनुमान और बदनामी को अंतिम सत्य मान लेने के बजाय तथ्य खोजने निकलते हैं। खोज उन्हें जाम्बवान की गुफा तक ले जाती है।
अध्याय 2
जाम्बवान से संघर्ष और पहचान के बाद मणि का रहस्य खुलता है। कृष्ण उसे उसके उचित स्थान पर लौटा देते हैं। लोक-व्रत परंपरा इस प्रसंग को गणेश और चंद्रमा के उपहास वाले आख्यान से भी जोड़ती है।
अध्याय 3
चंद्रमा का अभिमान टूटने और गणेश की करुणा से नियम में शमन की कथा आगे आती है। अलग ग्रंथों और परंपराओं में जोड़ अलग हैं। हमारा मनन है—सुनी हुई बात पर किसी को दोषी न मानें; जाँच, सत्य और भूल सुधारने को सम्मान दें।