अध्याय 1
बालक कृष्ण की शरारतों से यशोदा परेशान होती हैं और उन्हें रस्सी से बाँधना चाहती हैं। हर बार रस्सी थोड़ी छोटी रह जाती है। भागवत की लीला में अंततः बालक अपनी माता के प्रेम और परिश्रम को स्वीकार करता है।
अध्याय 2
दामोदर नाम इस स्मृति से जुड़ा है। यह प्रेम में निकटता का धार्मिक चित्र है, बच्चों को कठोर दंड देने की विधि नहीं। आज इस कथा का मनन धैर्य और स्नेह के साथ सीमाएँ समझाना हो सकता है। बच्चे की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखते हुए उसे जिम्मेदारी सीखने में सहायता दें।