Baba Ka Sandeshप्रेम · सेवा · स्मरण

BABA KA SANDESH · LEARN & REMEMBER

आरती श्री ब्रह्मा जी

पूरा पाठ पढ़ें, अपनी सुविधा से अक्षर बदलें और सुनते समय Pause या Stop करें।

0%0%

॥ आरती श्री ब्रह्मा जी ॥

पितु मातु सहायक स्वामी सखा, तुम ही एक नाथ हमारे हो।

जिनके कुछ और आधार नहीं, तिनके तुम ही रखवारे हो।

सब भाँति सदा सुखदायक हो, दुःख निर्गुण नाशन हारे हो।

प्रतिपाल करो सिगरे जग को, अतिशय करुणा उर धारे हो।

भुलि हैं हम तो तुमको, तुम तो हमरी सुधि नाहिं बिसारे हो।

उपकारन को कछु अन्त नहीं, छिन ही छिन जो विस्तारे हो।

महाराज महा महिमा तुम्हरी, मुझसे बिरले बुधवारे हो।

शुभ शान्ति निकेतन प्रेमनिधि, मन मन्दिर के उजियारे हो।

इस जीवन के तुम जीवन हो, इन प्राणन के तुम प्यारे हो।

तुम सों प्रभु पाय 'प्रताप' हरि, केहि के अब और सहारे हो।

अपने पाठ का संकल्प

पूरा पाठ पढ़ने के बाद खुद पुष्टि करें। यह केवल इसी browser में आपकी निजी गिनती है।

0 / 1

आज के पाठ के बाद

कुछ क्षण शांत बैठें। पाठ का एक भाव चुनें और सोचें कि उसे अपने आज के व्यवहार में कैसे लाएँ। यह वेबसाइट का मौलिक मनन-सुझाव है।

नाम स्मरण काउंटर खोलें ↗