अध्याय 1
कार्तिक की प्रबोधिनी एकादशी को विष्णु के जागरण की परंपरा से जोड़ा जाता है। चातुर्मास के विराम के बाद फिर मंगल कार्यों की ओर लौटने का भाव कई समुदायों में दिखाई देता है।
अध्याय 2
धार्मिक संवादों में जागरण, दीप, विष्णु-स्मरण और संकल्प की महिमा कही जाती है। यह केवल एक रात जागते रहने का प्रश्न नहीं; ध्यान देकर अपने जीवन की दिशा देखने की उपमा भी बन सकता है।
अध्याय 3
अपने मनन में कोई अधूरा अच्छा काम फिर शुरू करें। महीनों से टला अध्ययन, किसी से आवश्यक संवाद या घर की साझा जिम्मेदारी एक छोटा कदम हो सकता है। तिथि और पूजन का समय अपने स्थान के पंचांग तथा परिवार की परंपरा से देखें।